Wednesday, 14 February 2018

दिलचस्प उपभोक्ता शिकायतों कंस्यूमर कोर्ट में (Interesting Consumer Complaints In Consumer Court )

उपभोक्ता अदालत (consumer court) में बहुत सी ऐसी उपभोक्ता शिकायते (consumer complaints) भी दर्ज हुई जो कि काफी  दिलचस्प है | जिनमे से कुछ हम आपको बताने जा रहे है | 

1. एक भी लड़की को आकर्षित करने में असमर्थ रहे - निराश आदमी ने AXE के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया 



वैभव बेदी ने HUL के खिलाफ एक मामला दायर किया है जो पुरुषों को संवारने उत्पादों की ऐसे ब्रांड का मालिक है | मुकदमा धोखा और  मानसिक पीड़ा के लिए दर्ज किया गया |  उभोक्ता ने अदालत में तलब किया कि वह AXE उत्पादों को उपयोग वह पिछले सात वर्ष से कर रहा है पर अभी तक वह किसी लड़की को आकर्षित करने में असमर्थ रहा रहा करने का हवाला दिया है भले ही वह अब सात साल के लिए किया गया है कुल्हाड़ी उत्पादों का उपयोग । 


वैभव इस कदम को उठाने  लिए मजबूर हो गए जब उनकी पिटाई नौकरानी ने झाड़ू से की| वैभव उसको मोहने के लिए अपने नंगे होकर उसके सामने ऐसे (axe) उत्पाद करते हुए उसके सामने खुद को प्रदर्शित करने लगे |

 वैभव ने दावा किया कि वह AXE उत्पाद दिए गए निर्देश के अनुसार पिछले सात शलो से कर रहा था | और aaj tak किसी को भी आकर्षित नहीं कर पाया अपितु असाधारण सी दिखने वाली भी नई उनकी पिटाई भी कर दी| अपने ब्रांड की अच्छी छवि के कारण HUL ने इस मसले को उपभोक्ता कोर्ट के बहार ही सुलझाने का मन बनाया |

(अनधिकृत स्रोत)


2. एक चाय विक्रेता ने भारत के सबसे बड़े बैंक के खिलाफ मुकदमा लड़ा और जीता

श्री सकरे के खाते में ₹ 20,000 थे उसके बाद उन्होंने ₹ 10,800 खाते से निकले थे | जब वो फिर से ATM पर गए तो पता चला की उनका खाते से सारे पैसे साफ़ हो चुके थे| श्री सकरे अपनी शिकायत लेकर बैंक में गए पर वहां पर उनको सरका दिया और उसे उसके गड़बड़ी के लिए ताना दिया | इसके बाद उन्होंने बैंक के मुंबई मुख्यालय में एक अपील की, लेकिन यह काम नहीं किया । अंतिम उपाय के तौर पर उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम (District Consumer Dispute Redressal) में मामला दायर किया ।

उनके पास वकील को भाड़े के लिए पर्याप्त धन नहीं था, इसलिए वह बैंक के वकीलों के साथ वाद-विवाद  करने के लिए खुद में सामने आये |  

अदालत में अपने ही मामले में लड़ने के लिए आगे आये । बैंक अपने दावे को वापस करने के लिए सीसीटीवी फुटेज जैसे कोई सबूत पेश नहीं कर सका । लगभग एक दर्जन सुनवाई के बाद श्री सकरे ने लड़ाई जीत ली । 

उपभोक्ता अदालत ने पीड़ित पक्ष में फैसला सुनाया और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) को दो महीने के भीतर 6% ब्याज के साथ साथ ₹ 9,200 लौटाने का आदेश दिया । मानसिक तनाव के लिए 10,000 और क़ानूनी खर्च 2,000 रुपये की अतरिक्त राशि देने का आदेश दिया |

हम आपके पास और भी दिलचस्प उपभोक्ता शिकायतों (Intresting Consumer Complaints ) को आपके पास लाएंगे और अगर आपकी कोई भी शिकयत (complaint) है तो आप Voxya ऑनलाइन कंस्यूमर फोरम (online consumer forum) में अपनी शिकायत (complaint) दर्ज कर सकते है|  हम आपकी समस्या का जल्द से जल्द निवरण करने के लिए तट पर है |

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