![]() |
| only for representation use |
हैदराबाद(HYDERABAD): Hyderabad District Consumer Forum ने State Bank Of India को उधारकर्ता के द्वारा लोन की पूरी राशि लौटने के बाद भी उधारकर्ता के द्वारा जमा की गए मूल दस्तावेजों को वापस करने में विफल रहे SBI को निर्देश दिया कि वह उपभोक्ता को 5 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में भुगतान करे |
शिकायतकर्ता (complainant) टी बलवंत रेड्डी ने प्रस्तुत किया कि उन्होंने 4.5 लाख रुपये के लोन के लिए SBI bank से संपर्क किया | 2007 में रेड्डी को लोन कि मंजूरी मिल गयी जिसके लिए उनके मूल (original) दस्तावेज विक्रय विलेख (sale deed), शीर्षक विलेख(title deed) और पासबुक(pattadar passbook) बैंक में जमा किये थे | उन्होंने कहा कि उन्होंने कर्ज की राशि को चुकाया और ऋण खाते को 2011 में बंद कर दिया |
रेड्डी ने प्रस्तुत किया कि उसकी सम्पति का बाज़ार में मूल्य 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है, उसने एक बहुत अच्छा ऑफर भी मिला था पर दस्तावेजों की कमी के कारण वह उसे बेच नहीं पाए | उन्होने यह भी कहा कि इसी वजह से वह इसी सम्पति पर दूसरा लोन लेने से वंचित रह गए |
दूसरी ओर बैंक के प्रतिनिधियों ने स्वीकार किया कि वे बैंक शाखा में उक्त लापता मूल दस्तावेजों की खोज कर रहे है और वे दस्तावेजों की प्रति के लिए राजस्व अधिकारियों को लिख के कहा गया है और हमे ही दस्तावेजों मिलते है हम वैसे जी जल्द से जल्द उधारकर्ता को सौप देंगे |
सुनवाई के दौरान फोरम (Forum) ने कहा, "बैंक के अधिकारी अभी तक मूल दस्तावेजों का पता नहीं लगा पाए है | यह पूरी तरह से साफ़ मामला है जिसमे अब आगे चर्चा की जरूरत नहीं है |"
उपभोक्ता फोरम (consumer forum) ने निर्देश दिया कि 5 लाख रुपये मुआवजे के अतिरिक्त 5000 रुपये कानूनी लगत के लिए दिए जाये और बैंक को यह भी निर्देश दिया कि खोये हुए दस्तावेजों को पता करके शिकायत (complaint) करता को जल्द से जल्द लौटाया जाये, राजस्व अधिकारियों को पत्र लिखें और प्रमाणित दस्तावेजों को प्राप्त करें साथ ही साथ एक न्यूज़ पेपर में इंग्लिश और तेलगु दोनों ही भाषा में Title Deeds खोने का एक विज्ञापन दे |
If you have any consumer complaint against the company then file a complaint online at Voxya an online consumer forum to resolve consumer complaint quickly with an optimal solution.
