कोलकाता (Kolkata) : शेक्सपियर सारणी थाने में बांगुर एवेन्यू के रहने वाले संजय बगड़िया गाठ मंगलवार को फ्लैट दिलाने के नाम पर एक करोड़ रुपये की उपभोक्ता शिकायत (consumer complaint) दर्ज करवाई है | दर्ज शिकायत (File complaint) में संजय बगड़िया ने पुलिस को बताया कि प्रेनेटक सिटी प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन उदय मोदी और कंपनी के दूसरे डिरेक्टरों ने वर्ष 2013 में 4 फ्लैट दिलाने के नाम पर 1 करोड़ रुपये लिए थे | हालांकि उस समय से अब तक न तो उन्होंने फ्लैट दिए गये और ना ही उनके रुपये लौटाए गये | संजय बगड़िया ने यह भी आरोप लगाया कि अभियुक्तों के कार्यालय में जाकर रुपये मांगने पर उन्हें धमकी भी दी गयी | अभियुक्तों के खिलाफ आईपीसी कि धारा 420/406/506/120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया है | पुलिस मामले कि जांच कर रही है |
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अगर आपके साथ भी ऐसी कोई घटना हुई है तो आप देर ना करे अपनी शिकायत को Voxya ऑनलाइन कंस्यूमर फोरम (online consumer forum) पर दर्ज करे |
महाराष्ट्र (Maharashtra) : राज्य उपभोक्ता विवाद निपटारा आयोग (state consumer dispute redressal commission) ने निर्देश दिया कि एक दंपति जिन्होंने मुलुंड में एक फ्लैट खरीदा था, डेवलपर्स द्वारा फ्लैट पर कब्जा नहीं दिए जाने के लिए मुआवजे के रूप में 2 लाख रुपए का भुगतान किया जाए | दंपति ने छह विरोधियों के खिलाफ आयोग की तरफ रुख किया, जिनमे वो भी शामिल थे जिसके पास स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी प्रोजेक्ट (Slum Rehabilitation Authority Project) के तहत में संपत्ति के विकास अधिकार थे, और दूसरी कंपनी जिसने इमारत के निर्माण कार्य के लिए दूसरे को हस्तांतरित किया और अन्य भागीदार भी शामिल थे |
शिकायत (grievance) के अनुसार, दंपति ने मई 2010 में 51 लाख रुपए से अधिक राशि में मुलुंड में एक घर की बुकिंग की थी| कुछ राशि बुकिंग के दौरान और कुछ बाद में भुगतान किया था | अक्टूबर 2010 में, एक आबंटन पत्र उन्हें जारी किया गया था, जिसमे 30 लाख रुपए की रसीद स्वीकार करने को कहा गया था | शिकायतकर्ताओं (complainants) ने कहा कि जबकि उपभोक्ताओं (consumers) को को उचित समय के भीतर उनके घर पर अधिकार मिल जाना चाहिए था, जबकि काफी देर बाद में ऐसा नहीं किया गया |
उन्होंने ने फोरम (Forum) में अपनी बात कही और कहां कि अभी तक फ्लैट डेवेलपर्स (developers) के हाथो में ही है और उन्हें अभी तक उसपर किसी प्रकार का अधिकार और कब्ज़ा नहीं दिया गया है |
"यह स्थिति है कि आज तक कोई समझौता निष्पादित और फ्लैट के का अधिकार शिकायतकर्ता (complainants) को नहीं सौंपा गया और न ही दाखिला मिला| इससे यह साफ़ साफ़ पता चलता है कि यह सिर्फ दूसरी पार्टी कि सेवाओं कि कमी होने के कारण ही हुआ है|" राज्य आयोग (state commission) ने कहां और आदेश दिया कि 9 फीसदी ब्याज का भुगतान शिकायतकर्ताओं (complainants) फ्लैट सौंपने तक किया जाये और साथ ही साथ 2 लाख रुपये मुआवजे के रूप में किया जाये|" जैसे ही शिकायतकर्ताओं (complainants) को उनके द्वारा बुक किए गए फ्लैट पर कब्जा नहीं मिल सका, उन्हें मानसिक व्यथा का सामना करना पड़ा, इसलिए, शिकायतकर्ताओं (complainants) की गिनती पर कुछ मुआवजे के हकदार हैं|" आयोग ने कहा, जब शिकायतकर्ताओं (complainants) ने 10 लाख रुपये मुआवजे के रूप में मांग की, हालांकि, 'अत्यधिक' था |
इस तरह पूरे मामले का निपटारा राज्य आयोग (state commission) ने किया |
अगर आपकी किसी भी प्रकार की उपभोक्ता शिकायत है और आप अपनी शिकायत का निपटारा जल्द से जल्द करना चाहते है तो आप Voxya ऑनलाइन कंस्यूमर कंप्लेंट फोरम (online consumer complaint forum) पर अपनी शिकायत (complaint) करना न भूले |