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Monday, 15 July 2019

Real Estate Consumer Complaints: अपनी Property से दूसरे का कब्ज़ा कैसे हटाए (How to remove another's possession from your property)

consumer complaint forum India

अगर कोई आपकी property पर कब्ज़ा कर लेता है, तो यहाँ पर दो स्थिति होती है :
  • एक तो यह आप जिस property के title धारी है यानि वह property आपके नाम है |
  • दूसरा आप property के title धारी नहीं है यानि property आपके नाम पर नहीं है | 


इसके लिए हमारे कानून में एक एक्ट बनाया गया था Specific Relief Act, Specific Relief Act
का section 5 और section 6 इसके समाधान की बात करता है |  


अगर property आपके नाम है और आप property के टाइटल धारक है और किसी ने कब्ज़ा कर लिया है तो ऐसे में आपको  Specific Relief Act के Section 5 के तहत केस को दर्ज करना होगा | जिसका procedure, Civil Procedure court (CPC) में बता दिया गया है | Court में केस करने के बाद सबसे पहले आपको स्टे लेना होता है | कही ऐसा न हो जिसने आपकी property पर कब्ज़ा किया हुआ है वहा पर कोई बिल्डिंग या फिर निर्माण कार्य न शुरू करवा दे या फिर किसी अन्य व्यक्ति को बेच दे | इस तरह केर मामले court में काफी लम्बे समय तक चलते है जैसे कि 5 साल, 10 साल या तक की 20  साल तक Civil Case चलते है | 

अगर आपकी property आपके नाम पर नहीं है और कोई कब्ज़ा कर लेता है तो आप Specific Relief Act के Section 6 के तहत केस को दर्ज करना होगा | लेकिन इसमें कुछ शर्ते है :

कोर्ट जो भी फैसला देंगी आप अपील और रिव्यु नहीं करा सकते है | इसमें जो कोर्ट फैसला देंगी उसी को आपको मानना होगा आप High Court और Supreme Court में अपील नहीं कर सकते है | (NO Appeal, No Review After judgement of Court)

आपको 6 महीने के भीतर केस को दर्ज करना होगा | (File Case in 6 Months)


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Thursday, 23 August 2018

What is RERA (Real Estate Regulation Act) ? (रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट क्या है ?) - Real Estate Complaints

सभी लोगो का सपना होता है कि उनका घर हो लेकिन रियल एस्टेट सेक्टर इंडिया (Real Estate Sector India) में काफी बदनाम है, ठगी के लिए, धोखेधड़ी के लिए, और देर में सेवाओं को देने के लिए | तो आज के दिन में जो भी इंडिया में रियल एस्टेट (Real Estate) का खरीददार है इसलिए वो थोड़ा सा सोच में पड़ जाते है, और थोड़ा सम्भल क्र रियल एस्टेट (Real Estate) में पैसे लगाना चाहते है | इस वजह से रियल एस्टेट की बाजार में कुमी देखने को मिलती है | इस तरह के केस में सरकार चाहती है, रियल एस्टेट (Real Estate) ऊचाइयों को छुए इसलिए सरकार ने रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट का परिचय दिया है, जिसका शार्ट फॉर्म में RERA कहां गया है | जिसका उद्देश्य रियल एस्टेट शिकायतों (Real Estate Complaints) को दूर करना और रियल एस्टेट में लोगो के निवेश को बढ़ाना है |

RERA क्या है ? (What is the Real Estate Regulation Act?

यह संसद का अधिनियम है जिसके दो उद्देश्य है :

1. जो घर खरीदने चाहते है उनके दिलचस्पी को बनाये रखना और ज्यादा से ज्यादा लाभ उपभोक्ताओं को पहुँचाना | 
2. उपभोक्ताओं के निवेश को बढ़ाना |

RERA 15 मार्च 2016 में पास हुआ था और 1 मई 2017 में पूरी तरह से लागू कर दिया गया था | 

RERA कैसे काम करेगा? (How RERA Will Work?) 

यह तो नियम सेंट्रल गवर्नमेंट का है पर हर राज्य इसको आपने हिसाब से थोड़ा बहुत बदल सकता है |  


RERA (Real Estate Regulation Act) कैसे लोगो के लिए लाभकारी है ? (Benefits Real Estate Regulation Act)

1. पैसा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा | रियल एस्टेट में कभी कभी होता है कि बिल्डर्स (Builders) उपभोक्ताओं से पैसे ले लेता है और उसको किसी और बिज़नेस में लगा देता है | जिसके चलते बिल्डर्स के पास पैसे की कमी हो जाती है और प्रोजेक्ट में देरी हो जाती है | 

इसलिए अब नए नियम के अनुसार अब खरीदार को 70% पूंजी एस्क्रौ बैंक (एक ऐसा खाना जिसमे तीसरी पार्टी का नियंत्रर होता है ) खाते में रखना पड़ेगा, इसलिए उसका पैसा बिल्डर अपनी मर्जी से खर्च नहीं कर सकता |  जिसका इस्तेमाल सिर्फ निर्माण काम में खर्च होंगे अगर काम में देरी होती है तो उसके लिए बिल्डर पर दंड का केस बनेगा | 

2. दूसरा लाभ यह है कि अगर खरीददार को देरी से सेवाओं का लाभ मिलता है तो बिल्डर्स को 3 साल कि जेल हो सकती है और बिल्डर को बैंक में जमा पैसो पर 2% का ब्याज जोड़ कर ब्याज देने होंगे |  बिल्डर देरी करता है तो उसको ब्याज देना होंगे और यह ब्याज छोटा नहीं होता है यह जो आपके बैंक लोन का राशि  है उसके ऊपर 2% जोड़ करके ब्याज देना होंगे |


3. अगर 5 साल तक कोई भी घर की या माकन की क्वालिटी में फर्क आता है तो उसको पूरी तरह से बिल्डर्स के जिम्मेदारी होंगी और उसकी मरम्त भी बिल्डर्स ही करेगा | 

4. बिल्डर्स को जो भी अनुमोदन लेने होंगे वो पहले से ही लेने होंगे | अगर बिल्डर्स बिल्डिंग की किसी भी संरचना को बदलना चाहता है तो 67% खरीददारों की रजामंदी होनी जरूरी है | 

5. अब पारदर्शिता लोगो के सामने आ जाएगी, अब जो भी घर बेचे जायेंगे वो कारपेट एरिया में बेचे जायेंगे और बिल्डर्स को प्रोजेक्ट की पूरी डिटेल रेउलटोर की वेबसाइट पर अपलोड करनी होंगी |

ये सब होंगे कैसे ? (How It Will Happen)  

जब बिल्डर कोई भी नया प्रोजेक्ट लांच करता है तो उसको उस प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन RERA में करना पड़ेगा | यह तब करना पड़ेगा जब 500 स्क्वायर मीटर से ज्यादा जमीन है या फिर एक बिल्डिंग में  8 से ज्यादा अपार्टमेंट है तो उसको RERA में रजिस्टर करना पड़ेगा | अगर रजिस्ट्रेशन नहीं किया तो उसके लिए पेनलिटी है | 

ये थी जानकारी RERA (Real Estate Regulation Act) की, अगर आपको लगता है आपके पास कोई भी उपभोक्ता शिकायत है तो आप अपनी शिकायत Voxya ऑनलाइन कंस्यूमर फोरम (Online Consumer Forum) पर दर्ज कर सकते है | 

Content Source: YouTube