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Thursday, 19 July 2018

रेलवे की ख़राब व्यवस्था के कारण रेलवे को देने पड़े 19,000 रूपये (Consumer Forum Ordered Railways To Gives Compensation of Rs.19,000 To Consumer)

Railway Complaints Online
सेवाओं में कमी के लिए मध्य रेलवे को जिम्मेदार ठहराते हुए, उपभोक्ता फोरम (Consumer Forum) ने दुरंतो एक्सप्रेस में मुंबई से एर्नाकुलम की यात्रा करते समय चूहों और गंदगी की खोज करने वाले एक वकील को 19,000 रुपए के मुआवजे से सम्मानित किया गया |  

टाइम्स ऑफ इंडिया (Time Of India) की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिवक्ता शीतल कनाकिया और उसकी रिश्तेदार हेमा कनाकिया ने 2 दिसंबर, 2015, दक्षिण मुंबई जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम (Consumer Dispute Redressal Forum) में रेलवे के खिलाफ शिकयत दर्ज की थी |  

शिकायतकर्ता (complainant) ने कहा कि वे टिकेटचेककर से पहले ट्रेन पर अस्वच्छ शौचालयों, गंदगी, कुतर के मुद्दे को लेकर उन्होने अधिकारियों से शिकायत की पर कोई भी शिकायत पर उन्हें कोई भी जवाब अधिकारियों से नहीं मिला |


शिकायतकर्ता (complainant) और उसके रिश्तेदार ने आगे कहा कि उनकी सेहत ट्रेन पर परोसे गए अस्वस्थ भोजन से प्रभावित हुई थी | 

उन्होंने टिकटों के लिए 6,600  रुपये जिनको उन्होने भुगतान किया था साथी ही साथ खराब व्यथा और मानसिक प्रताड़ना के लिए मुआवजा देने की मांग की |

रेलवे ने यह कहकर आरोपियों को नकार दिया कि ट्रेन पर धूमन किया गया है । हालांकि, उपभोक्ता फोरम (Consumer Forum) ने कहा कि प्रभारी अधिकारी ने शिकायतों को स्वीकार किया था और रेलवे कोई भी निश्चयात्मक सबूत फोरम (Forum) के सामने पेश नहीं कर पाए |    


उपभोक्ता फोरम (Consumer Forum) ने शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि रेलवे को प्रीमियम राशि के लिए प्रीमियम सेवाएं देना अनिवार्य है |  

इस प्रकार शिकायतकर्ताओं (complainant) ने रिकॉर्ड रूप में विपरीत पक्ष के खिलाफ सेवाओं में कमी के संबंध में परिस्थितिजन्य साक्ष्य लाए थे| और प्रीमियम सेवाओं के लिए रेलवे से यात्रा करने के लिए प्रीमियम टिकट्स भी खरीदे थे | इसलिए विपरीत पार्टी को प्रीमियम सेवाएं देना जरूरी था  और इस तरह उपभोक्ता फोरम (Consumer Forum) ने न्याय किया |




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Friday, 4 May 2018

रेलवे को 75000 रुपये देने पड़े जिनकी सीट दूसरों के कब्जे में थी (Consumer Court Ordered Railway To Pay Rs. 75,000 To Passenger)

consumer forum online
नयी दिल्ली (New Delhi): राज्य उपभोक्ता आयोग (State Consumer Commission) ने भारतीय रेल को उस असुविधा के लिए एक आदमी को  75,000 रुपये का भुगतान करने को कहा है जिनकी आरक्षित सीट यात्रा के अधिकांश हिस्से पर अनधिकृत व्यक्तियों का कब्जा था| 

दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निपटारा आयोग [Delhi State Consumer Dispute Redressal Comission (SCDRC)] ने जिला फोरम (District Forum) के आदेश को संधारित किया है और रेलवे कहां कि टिकट चेकर के वेतन से मुआवजे की एक तिहाई  राशि को घटा कर पीड़ित को देने को कहां क्योकि टिकट चेकर पीड़ित की आरक्षित सीट सुनिश्चित करने में विफल रही और पैसेंजर के द्वारा आरक्षित सीट (researved birth) का इस्तेमाल नहीं किया गया था|

"जिला फोरम (District Forum) के द्वारा 75000 रुपये के मुआवजे से सम्मानित करना उचित और उपयुक्त है | इसलिए इस मामले कि परिस्थिति को देखते हुए पीड़ित को सम्मानित मुआवजे को पीड़ित को देने को कहां |" इसकी सुनवाई अध्यक्ष जस्टिस वीणा बीरबल की अध्यक्षता में हुई |

हालांकि आयोग (commision) ने दिल्ली (Delhi) निवासी वीरेंद्र विजय कुमार को दिए गए मुआवजे में वृद्धि करने से इनकार कर दिया । कुमार ने अपनी शिकायत में कहा है कि जब उन्होंने 30 मार्च, 2013 को विशाखापत्तनम (Visakhapatnam) से नई दिल्ली (New Delhi) तक दक्षिण  एक्सप्रेस (Dakshin Express) से यात्रा की, तो उनकी आरक्षित सीट (reserved seat) किसी और के कब्जे में थी । 

कुमार ने कहा कि वे घुटने-जोड़ों के दर्द से ग्रस्त हैं और उन्होंने नीचे वली शीत को बुक की थी लेकिन कुछ अनधिकृत व्यक्तियों ने डिब्बे में प्रवेश कर लिया और बीना स्टेशन मध्य प्रदेश (Beena Station Madhya Pradesh) में उनकी सीट पर कब्ज़ा कर लिया |

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि अनाधिकृत रूप से यात्रियों ने उपद्रव की बहुत सी रचना की और उनके साथ-साथ उनके सह यात्रियों को भी असुविधा का कारण बताया । कुमार ने बताया कि उन्होंने TTE या किसी अन्य रेलवे अधिकारी से शिकायत (complaint) करने की कोशिश की लेकिन कोई भी नहीं मिल सका, कुमार ने अपनी शिकायत (complaint) में यह दावा किया था । 

जिला फोरम (District Forum) ने रेलवे द्वारा इसे आपुर्ति सेवा का दोषी बताने से पहले प्रकट करने में विफल रहने के बाद यह आदेश पारित किया ।

जिला फोरम (District Forum) ने आदेश को पारित कर दिया जब रेलवे खुद को दिखने में असफल रही इससे पहले कि वो बता पाते कि वे आपुर्ति सेवा के दोषी है |


सामग्री स्रोत : news18.com

वीडियो देखे (Watch Video): 



अगर आपकी कोई भी उपभोक्ता शिकयत है तो आप अपनी शिकयत Voxya कंस्यूमर फोरम ऑनलाइन (consumer forum online) पर दर्ज करके अपनी समस्या का उचित और जल्द से जल्द समाधान कर सकते है |