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Wednesday, 19 July 2023

Madurai Consumer Forum ordered a private dental clinic to pay Rs 10 lakh to the deceased patient's wife (मदुरै उपभोक्ता फोरम ने एक निजी डेंटल क्लिनिक को मृत मरीज की पत्नी को 10 लाख रुपये देने का आदेश दिया)

madurai consumer court


मदुरै (Madurai): Madurai District Consumer Disputes Redressal Forum ने हाल ही में एक private dental clinic को एक व्यक्ति के पत्नी को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया, जिसकी चिकित्सीय लापरवाही के कारण मृत्यु हो गई थी, क्योंकि क्लिनिक में लोगों ने बिना कोई परीक्षण किए गलत तरीके से उसका दांत निकाल दिया था |


Madurai शहर के Viswanathapuram की Petchiammal alias Baby ने एक याचिका में कहा कि उनके पति सुरेश उर्फ ​​स्वर्ण को दांत में दर्द हुआ और उन्हें 24 दिसंबर, 2017 को Munichalai Road स्थित private clinic में ले जाया गया | Clinic ने बिना कोई चिकित्सीय परीक्षण किए उनका दांत निकाल दिया, जिसके बाद वह थक कर गिर गया |  Clinic पर मौजूद लोग उसे तुरंत दूसरे private hospital में ले गए | बाद में उन्हें Government Rajaji Hospital ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया | उसने याचिका में दावा किया कि क्लिनिक उसके पजीवनसाथी की मौत के लिए जिम्मेदार है |


Consumer Forum की अध्यक्षता इसके अध्यक्ष एन परी और सदस्यों केए विमला और के वेलुमणि ने की, आदेश पारित करते हुए कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि मौत दांत निकालने के कारण हुई थी | निष्कर्षण करने वाले दंत चिकित्सक (dentist) ने 23 फरवरी, 2017 को ही अपना लाइसेंस सुरक्षित किया था | Clinic का प्रबंधन यह साबित करने में विफल रहा कि दांत निकालने से पहले उन्होंने हर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की थी | 


इसलिए, Consumer Forum ने Clinic को मौत के लिए जिम्मेदार पाया और प्रबंधन को तीन महीने के भीतर पेटचियाम्मल को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया | समय पर मुआवज़ा नहीं देने पर क्लिनिक को 9% वार्षिक ब्याज के साथ राशि का भुगतान करना होगा |


consumer complaint forum


किसी प्रकार की उपभोक्ता शिकायत के समाधान है तो दिए गए लिंक पर क्लिक करे:- File A Complaint Now!


Friday, 3 September 2021

High Court Fines 3 Doctors for Bad Handwriting - Medical Consumer Complaint(जानिए क्यों होती है डॉक्टरों की गन्दी हैंडराइटिंग, हुआ बड़ा खुलासा |)

Consumer Complaint Forum India


MCI(Medical Council of India) की doctors के लिए ये स्पष्ट दिशानिर्देश है कि वह अपने पर्चे (prescription) पर वह अपना नाम, फ़ोन नंबर, और अपनी योग्यता को लिखेंगे | इसके साथ ही वह जो पर्चे (prescription) बनाएंगे उनको Capital Letter में बनाएंगे जिससे वह साथ साथ समझ में आये | लेकिन कुछ डॉक्टर इन नियमो का उल्लंघन (violation) करते है जिसका खामियाजा जनता को उठाना पड़ता है |


एक सर्वे के अनुसार हर साल doctors की गन्दी handwriting की वजह से 7 हज़ार से ज्यादा लोगो की मौत हो जाती है | जिसका कारण यह होता है कि पर्चे (prescription) में जो दवाये (medicines) लिखते है वो मेडिकल वाले को समझ में नहीं आता है या फिर गलत समझ लेता है जिसकी वजह से मरीज को दवाई सही या टाइम पर नहीं मिल पाती है | कभी कभी मेडिकल वाले दूसरी देते है जिसकी वजह से उसके दुष्प्रभाव (side effect) हो जाते है |


ऐसे ही एक मामले में इलाहाबाद (प्रयागराज) हाई कोर्ट (Allahabad High Court) के Lucknow बेंच ने 3 Doctors पर 5 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया है | High Court ने कहा कि doctors कि गन्दी handwriting को समझ पाना वकीलों और जजों काफी मुश्किल हुआ, इसलिए इनके ऊपर 5000 रुपये का जुर्माना लगा |


medical complaints


3 अलग अलग criminal cases में victim की injury report Court में पेश की गयी तो जज और अधिवक्ता उस रिपोर्ट को नहीं पढ़ पाए, तब उन doctors को court में बुलाया गया और उनके ऊपर 5000 रुपये का जुर्माना आपराधिक न्याय प्रसाशन में बाधा डालने के लिए लगाया गया | जब उन doctors से पूछा गया आप लोगो ने इतनी गन्दी handwriting में रिपोर्ट क्यों बनायीं है, क्या आपको MCI की दिशानिर्देश के बारे में नहीं पता है | तो Doctors ने कहा की उन्हें Medical Council of India Guidelines के बारे में पता था, लेकिन काम का दबाव होने की वजह से उनकी handwriting इतनी गन्दी हो गयी है |

अगर आप डॉक्टर है या फिर आप डॉक्टर बनना चाहते है तो आपको यह समझ लेना चाहिए कि पर्चे (prescription) आपको capital letter में ही बनाना है | अगर आप small letter में बनाना ही चाहते है तो आपको ऐसे बनाना है कि वह सपष्ट रूप से समझ में आये |


वैसे तो Doctors को प्रिंटेड पर्चे ही बनाना चाहिए क्योकि वह ज्यादा बेहतर रहता है जनता के लिए और Doctors के लिए भी |


अगर आपकी किसी भी तरह की उपभोक्ता शिकायत (consumer complaint) है तो आप अपनी शिकायत को Voxya consumer complaint forum online करना ना भूले | यह online consumer forum 12,000 से ज्यादा उपभोक्ताओं का विश्वास जीत चुका है | पिछले 6 महीने में, 7,000 से ज्यादा उपभोक्ताओं ने अपनी उपभोकता शिकायतों (consumer complaints)को इस पोर्टल के माधयम से सफलतापूर्वक दूर किया है |


File a complaint online at voxya.com


If you are a consumer and not satisfied with the services or the product given by them then you can file a complaint at Voxya an online consumer complaint forum that helps consumers to get a replacement, refund, and compensation from the company or the seller.

You can also file your medical complaint at Voxya, trusted by 1 Lacs+ consumer across India.

Monday, 8 October 2018

कैसे हॉस्पिटल और डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ कानूनी करवाई कर सकते है |(How To Take Legal Action Against Hospital and Diagnostic Center?)

image source pixabay
आज हॉस्पिटल और डायग्नोस्टिक सेंटर (Hospital and Diagnostic Center) की चिकित्सा और जाँच में लापरवही के कारण कई उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, यहाँ तक कई हॉस्पिटल्स (hospitals) इलाज के नाम पर मनमानी लूट करते है | जिसके उन्होंने उपभोक्ता फोरम (consumer forum) और कंस्यूमर कोर्ट (consumer court) का दरवाजा खटकना पड़ता है | 
जानिए कब आप हॉस्पिटल और डायग्नोसिस सेंटर (Hospital and Diagnostic Center)के खिलाफ कारवाही कर सकते है |
  • अगर पेशेंट (Patient) को डॉक्टर ने गलत दवाई दे दी हो जिससे पेशेंट की तबियत खराब हो गयी हो |  
  • पेशेंट (Patient) को समय पर ट्रीटमेंट नहीं दिया गया हो जिससे पेशेंट की मौत हो गयी हो | 
  • गलत इंजेक्शन या टेबलेट या गलत इलाज की वजह से पेशेंट (Patient) की मौत हो गयी हो | 
  • गलत इलाज की वजह से पेशेंट (Patient) का कोई अंग ख़राब हो गया हो | 
  • डायग्नोस्टिक सेंटर (Diagnostic Center) की तरफ से पेशेंट की गलत रिपोर्ट दी गयी हो जिससे पेशेंट (Patient) का गलत उपचार हुआ हो | 
  • हॉस्पिटल (Hospital) के द्वारा पेशेंट से इलाज की ज्यादा फीस वसूल की  गयी हो |
  • डायग्नोस्टिक सेंटर (Diagnostic Center) की तरफ से जांच की जायद फीस वसूल की गयी हो | 
  • हॉस्पिटल (Hospital) की तरफ से जितनी फीस ली गयी हो और इलाज करने की उतनी रसीद नहीं दी गयी हो |
  • डायग्नोस्टिक सेंटर (Diagnostic Center) में जाँच के लिए जितनी फीस ली गयी हो उतने की रसीद आपको नहीं दी गयी हो | 


अगर आपने इस तरह की किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना किया है या आपकी कोई भी उपभोक्ता शिकायत हॉस्पिटल या डायग्नोसिस सेंटर (consumer complaint against hospital and diagnostic center) के खिलाफ है तो आप अपनी शिकायत को Voxya ऑनलाइन कंस्यूमर फोरम (online consumer forum) पे जरूर करे | 
  

voxya.com