Tuesday, 12 December 2023

मुंबई उपभोक्ता अदालत ने ग्रोफ़र्स को एक ग्राहक को 8000 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया (Mumbai Consumer Court orders Grofers to pay Rs 8000 to a customer)

consumer complaint forum


ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkartके बाद, ऑनलाइन किराना सेवा प्लेटफॉर्म (online grocery services platform) Grofers मुश्किल में आ गया है। Mumbai की निवासी कल्पना शाह ने Grofers से 8,000 रुपये का मुआवजा जीता |


कहानी जनवरी 2020 की है। शाह ने तरबूज के बीज का ऑर्डर दिया था जो डिलीवर नहीं हुआ। जब उसने Grofers की Customer Care Team से संपर्क किया, तो उसे बताया गया कि रिकॉर्ड के अनुसार, सभी सामान वितरित कर दिए गए थे |


इसके बाद शाह ने एक Agency से संपर्क किया, जिसने कहा कि वह या तो तत्काल रिफंड प्राप्त कर सकती है या अपने ऑर्डर को प्राप्त करने के लिए दो सप्ताह तक इंतजार कर सकती है | उसने पहले वाला विकल्प चुना लेकिन साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गई जहां उसे वन-टाइम पासवर्ड साझा करने के लिए कहा गया। जिससे उसे 5,000 रुपये का नुकसान हुआ |


फिर, शाह ने 2022 में Mumbai Consumer Court से संपर्क किया, जिसने हाल ही में एक आदेश पारित किया कि Grofers 9% ब्याज दर पर राशि का भुगतान करें।


Mumbai Consumer Court ने कहा कि Grofers को शाह और को मानसिक पीड़ा पहुंचाने के लिए 5,000 रुपये का भुगतान करना होगा | 


अगर आपकी भी किसी भी प्रकार की उपभोक्ता शिकायत (consumer complaint) है तो उसके समाधान के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करे:- File a Complaint Now!

Wednesday, 6 December 2023

Hotel Held Liable for Service Deficiency: Bangalore Consumer Court Ordered Chicken Biryani Served Without Chicken

bangalore consumer court news


The District Consumer Disputes Redressal Commission in Bangalore (Urban) recently ruled against a hotel for failing to deliver the expected service, serving Chicken Biryani devoid of any chicken pieces to a customer.


Customer's Plight and Bangalore Consumer Court's Decision

Presided over by President M. Shobha P, the Bangalore consumer court partly upheld the complaint, instructing the hotel owner to refund Rs 150, the amount paid for the Chicken Biryani, and additionally pay Rs. 1,000 as compensation within 30 days of the order.


Chronicle of Events

The complainant detailed visiting the hotel with their spouse to procure a dinner parcel due to a lack of a gas cylinder at home. They asserted having paid Rs. 150 for Chicken Biryani, having received a receipt for the same.


Upon returning home, it was discovered that the ordered biryani only contained rice, devoid of any chicken portions.


Unfulfilled Remedial Actions

Upon immediately contacting the hotel, the complainant was assured by the Opposite Party (OP) that another box of Chicken Biryani would be dispatched within 30 minutes. However, this assurance was unfulfilled.


Lacking alternatives at such a late hour, the customer and their spouse consumed the available biryani rice, despite intimating the hotel. The failure of the hotel to fulfill its commitment led to both a service deficiency and mental distress for the complainant.


Legal Proceedings and Commission's Verdict


Subsequently, the complainant served a notice to the hotel on 28.04.2023, receiving no response. Consequently, they sought redressal from the commission, demanding Rs. 30,000 as costs and a refund of the purchase price.


After reviewing the evidence, the Bangalore Consumer Court concluded that receiving payment for rice instead of Chicken Biryani was unjust and unacceptable. 


Had the hotel acted genuinely upon realizing the mistake, they could have rectified the error by delivering the Chicken Biryani. However, the opposite party failed to do so, underscoring their lack of commitment to customer satisfaction.


Bangalore Consumer Court Ruling

Partially in favor of the complainant, the Bangalore Consumer Court ordered the payment of Rs. 1,000 in compensation, alongside a refund for the biryani. It acknowledged the mental distress caused to the complainant and their spouse due to the inconvenience of preparing a meal without a gas cylinder at home, exacerbated by the hotel's failure to rectify the situation.


If you are also looking for a solution to the consumer complaint, File a Complaint Now!

Tuesday, 5 December 2023

Kerala Consumer Forum directed the two-wheeler dealer to pay ₹1 lakh to the motorcycle owner (केरल उपभोक्ता फोरम ने दोपहिया डीलर को मोटरसाइकिल मालिक को ₹1 लाख का भुगतान करने का निर्देश दिया)

kerala consumer forum


Angamaly में एक two-wheeler showroom के dealer को Ernakulam District Consumer Disputes Redressal Commission द्वारा उस व्यक्ति को मुआवजे के रूप में ₹1 लाख से अधिक का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है, जिसने शिकायत की थी कि पुराने मॉडल का दोपहिया वाहन देकर उसे धोखा दिया गया था |


यह मामला शिकायतकर्ता Nedumbassery  के मूल निवासी अरविंद जी. जॉन को Honda Unicorn bike की डिलीवरी से संबंधित है | यह पाया गया कि जिस वाहन को फरवरी 2018 में बुक किया गया था और उसी वर्ष मार्च में Arya Bhangy Motors द्वारा दिया गया था, जिसका निर्माण 2017 में किया गया था और उसके पंजीकरण प्रमाणपत्र पर भी वही (वर्ष 2017) अंकित किया गया था | मिस्टर जॉन ने 2018 मॉडल के वाहन के लिए बुकिंग की थी और उसका भुगतान किया था |


Commission के पीठासीन अधिकारी डी.बी. बीनू और सदस्य वैकोम रामचन्द्रन और टी.एन. श्रीविद्या ने पाया कि यह अनैतिक और सेवा में कमी थी |  इसलिए, उन्होंने dealer को श्री जॉन को वाहन लौटाने पर उसकी लागत के रूप में ₹85,660 का भुगतान करने का आदेश दिया, और मुकदमेबाजी लागत के रूप में 30 दिनों के भीतर 9% ब्याज दर के साथ ₹20,000 का भुगतान करने का आदेश दिया |


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kerala consumer forum


 


Thursday, 23 November 2023

Consumer Court directs banks to compensate Consumer Cheque Related Fraud (उपभोक्ता न्यायालय ने बैंकों को उपभोक्ता चेक संबंधी धोखाधड़ी की क्षतिपूर्ति करने का निर्देश दिया)

consumer complaint forum


एक अभूतपूर्व फैसले में, State Consumer Disputes Redressal Commission, U.T., Chandigarh ने खाते से 1.33 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) के खिलाफ California के Modesto में रहने वाले एक एनआरआई डॉ. अजय सूद के पक्ष में फैसला सुनाया है। 


Consumer Complaint डॉ. अजय सूद द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि जब वह संयुक्त राज्य अमेरिका (United State of America) में थे तो उनके खाते से धोखाधड़ी से बड़ी राशि डेबिट कर ली गई थी | District Consumer Disputes Redressal Commission-I ने पहले शिकायत को खारिज कर दिया था, जिसके बाद State Consumer Disputes Redressal Commission के समक्ष अपील की गई |



न्यायमूर्ति राज शेखर अत्री, अध्यक्ष और सदस्य राजेश के. आर्य द्वारा दिया गया आदेश, धोखाधड़ी वाले लेनदेन के केंद्रीय मुद्दे पर प्रकाश डालता है। Consumer Forum न्यायाधीशों ने कहा, "शिकायतकर्ता की शिकायत यह है कि जब वह अमेरिका में था तो चंडीगढ़ में बैंक (Chandigarh Bank) द्वारा उसके खाते से धोखाधड़ी से 98 लाख रुपये और 35 लाख रुपये काट लिए गए |" 



जिला आयोग ने पहले शिकायत को यह कहते हुए खारिज कर दिया था, "... Bank of India की ओर से कोई देनदारी नहीं बची है।" हालाँकि, न्यायाधीशों ने धोखाधड़ी को रोकने में बैंक की ओर से लापरवाही पर जोर देते हुए एक अलग रुख अपनाया | 


Consumer Forum के फैसले ने State Bank of India की लापरवाही को रेखांकित करते हुए कहा, "...State bank of India धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए मौजूदा प्रणाली और नियंत्रण को मजबूत करने के लिए कोई भी निवारक उपाय/सावधानी बरतने में विफल रहा।" न्यायाधीशों ने आगे इस बात पर जोर दिया कि बैंक Reserve Bank of India (RBI) द्वारा जारी परिपत्रों में उल्लिखित निर्देशों का पालन करने में विफल रहा |


"धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों से जमाकर्ताओं और बैंकों के हितों की रक्षा के लिए धोखाधड़ी पर मास्टर दिशानिर्देश आवश्यक थे, जिनका बैंकों द्वारा सार्वजनिक हित में पूर्व-खाली कदम उठाने के लिए विधिवत अनुपालन किया जाना था।"


न्यायाधीशों ने विभिन्न कारकों को ध्यान में रखते हुए डॉ. अजय सूद को मुआवजा दिया। मुआवजे में मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और वित्तीय नुकसान के लिए 5,33,627 रुपये शामिल हैं। विशेष रूप से, न्यायाधीशों ने कानूनी फीस के दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया, "...शिकायतकर्ता के लिए व्यक्तिगत रूप से मामला लड़ने में कोई कानूनी बाधा नहीं थी।"


आदेश में Bank ऑफ़ India को उपभोक्ता की शिकायत दर्ज (Consumer Complaint File) करने की तारीख से 9% ब्याज के साथ मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है। 30 दिनों के भीतर अनुपालन में विफलता के परिणामस्वरूप 12% प्रति वर्ष की दर से दंडात्मक ब्याज लगेगा | 

Tuesday, 21 November 2023

Virudhunagar Consumer Forum ordered the municipal commissioner and contractor to pay compensation of Rs.20000 for taking extra Rs.4 charge for urinal (विरुधुनगर उपभोक्ता फोरम ने नगर निगम आयुक्त और ठेकेदार को मूत्रालय के लिए 4 रुपये अतिरिक्त शुल्क लेने पर 20000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।)

consumer forum news in madurai


Virudhunagar District Consumer Dispute Redressal Forum ने Srivilliputtur Municipal Commissioner और Srivilliputtur bus stand में एक public toilet के contractor को 2018 में मूत्रालय का उपयोग करने के लिए Watrap के एक निवासी से ₹4 की अतिरिक्त राशि वसूलने के लिए ₹20,000 का मुआवजा देने का निर्देश दिया है |


अपने आदेश में Consumer Forum के पीठासीन अधिकारी एस.जे. चक्रवर्ती और सदस्य एम. मुथुलक्ष्मी ने आदेश दिया है कि ठेकेदार सदायप्पन को शिकायतकर्ता वी.वी.एस. सुंदरम.को ₹4 की अतिरिक्त राशि चुकानी होगी | 


हालाँकि, शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा पहुँचाने के लिए ₹ 20,000 का मुआवजा और उसके केस खर्च के लिए ₹ 10,000 का भुगतान आयुक्त और ठेकेदार द्वारा छह सप्ताह के भीतर संयुक्त रूप से या अलग से किया जाना चाहिए।


Consumer Forum ने कहा कि आदेश का पालन न करने पर मुआवजे की राशि पर 9% की ब्याज दर लगेगी।


अपनी शिकायत में, सुंदरम ने कहा कि उन्हें मूत्रालय का उपयोग करने के लिए ₹ 5 का भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया था, जबकि वास्तविक शुल्क मूत्रालय का उपयोग करने के लिए केवल ₹ 1 और शौचालय के लिए ₹ 2 होना चाहिए था | 


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस व्यक्ति ने मूत्रालय का उपयोग करने के लिए केवल ₹ 1 का भुगतान करने पर जोर देने के लिए उनका मजाक उड़ाया था | इसके अलावा, सार्वजनिक शौचालय के बाहर जनता के देखने के लिए वास्तविक शुल्क का कोई नोटिस बोर्ड भी नहीं लगाया गया था | 


इसी तरह, पैसे एकत्र करने वाले व्यक्ति ने एकत्र की गई राशि की रसीद भी नहीं दी | 


कमिश्नर ने Consumer Forum के समक्ष कहा था कि ठेकेदार (contractor) सभी नियमों का पालन कर रहा है और ठेकेदार के खिलाफ कोई अन्य शिकायत नहीं है।


ठेकेदार (contractor) ने बताया कि सुंदरम ने पुरानी दुश्मनी के कारण झूठी शिकायत की है।

consumer forum news


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Monday, 20 November 2023

हैदराबाद उपभोक्ता फोरम ने एसी के काम न करने पर रेलवे पर ₹15,000 का जुर्माना लगाया (Hyderabad Consumer Forum fines ₹15,000 on Railways for not working AC )

Indian railway Complaints


हैदराबाद (Hyderabad): यहां एक District Consumer Forum ने South Central Railway (SCR) को निर्देश दिया है कि बिजली गुल होने के कारण डिब्बे में 3 एसी और पंखे घंटों तक काम न करने पर उपभोक्ता को 15,000 का भुगतान करें | 


शिकायतकर्ता केवीएस अप्पा राव ने कहा कि उन्होंने 5 अप्रैल, 2023 को Visakhapatnam से Secunderabad की यात्रा के लिए अपनी बेटी और खुद के लिए गरीब रथ में दो सीटें आरक्षित कीं थी | 


उन्होंने कहा कि यात्रा के दिन, ट्रेन रात 8.40 बजे शुरू हुई और उन्होंने अपना खाना पूरा किया और लगभग 10 बजे सो गए। उन्होंने कहा कि वे आधी रात के आसपास दम घुटने के कारण जाग गए क्योंकि एसी और पंखे काम नहीं कर रहे थे | 


उन्होंने कहा कि उन्होंने सबसे पहले इस मामले की शिकायत यात्रा टिकट परीक्षक (टीटीई) से की। राजमुंदरी पहुंचने के बाद, टीटीई और अन्य अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया कि समस्या ट्रेन में बिजली की विफलता के कारण थी और Eluru station पहुंचने के बाद इसे हल कर लिया जाएगा |


राव ने कहा कि ट्रेन एक घंटे की देरी से 1.40 बजे Eluru station और 2.30 बजे Vijayawada पहुंची और उन्हें दम घुटने के कारण बड़ी कठिनाई से यात्रा करनी पड़ी क्योंकि उक्त समय के दौरान कोई वेंटिलेशन भी नहीं था। उन्होंने कहा कि 6 अप्रैल को Vijayawada station से ट्रेन सुबह 4.40 बजे से आगे नहीं बढ़ी, जब तक कि बिजली बहाल नहीं हो गई | 


उन्होंने कहा कि उन्होंने रेलवे को एक पत्र भी लिखा जिसमें उन्हें और उनकी बेटी के साथ-साथ अन्य यात्रियों को हुई परेशानी के बारे में बताया और मुआवजे की मांग की लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। राव ने यह भी कहा कि एक RTI File करने से उन्हें पता चला कि train में डीजल जेनरेटिंग (डीजी) सेट के काम न करने के कारण एसी प्लांटों को बिजली की आपूर्ति उपलब्ध नहीं थी | उन्होंने मुआवजे की मांग करते हुए यह शिकायत दर्ज (complaint file) कराई थी |


मुकदमे के दौरान, District Consumer Dispute Redressal Commission -II, Hyderabad ने कहा, "एसी की विफलता और यात्रा में देरी स्पष्ट रूप से विपरीत पक्ष की ओर से लापरवाही और सेवा में कमी को दर्शाती है।"



यदि आप उपभोक्ता शिकायत (consumer complaint) का समाधान ढूंढ रहे हैं, तो उपभोक्ता शिकायतों के समाधान के लिए भारत के विश्वसनीय मंच Voxyaपर शिकायत दर्ज (complaint file ) करें।

consumer complaint forum in Hyderabad


Thursday, 16 November 2023

Resolving Consumer Complaints Against Government Services - Voxya

Consumer Complaint Against Government Services


In today's world, consumers often encounter frustrating experiences with government services. From delays in work to encountering disrespectful behavior or even facing an indifferent attitude, these occurrences can leave individuals feeling dissatisfied. How can consumers effectively address such issues and seek resolution?


Addressing Common Grievances Against Government Departments

The realm of consumer complaints against government entities is vast and varied. Instances involving airlines, railways, water, electricity, banks, and postal services, among others, fall under this category. Recognizing the prevalent concerns is crucial in initiating the resolution process.


Taking Legal Action for Redressal

One effective recourse available to consumers is the initiation of legal action against the concerned government department. Engaging a professional lawyer to send a legal notice is a pivotal step in this direction. Ensuring the notice is dispatched via registered post ensures confirmation of delivery.


Pursuing Legal Recourse

Should there be a lack of response or unsatisfactory feedback within 30 days of issuing the legal notice, consumers possess the right to file a case against the government department in a consumer court. This legal action allows for the demand of compensation to cover incurred damages or losses.


Leveraging Online Consumer Forum

In the digital age, platforms like Voxya offer invaluable assistance in resolving consumer complaints swiftly. Voxya serves as an online consumer complaint forum, facilitating the prompt resolution of grievances. Its efficacy in securing replacements, refunds, compensations, and legal expenses has earned the trust of over 2 lakh consumers.


Voxya Solution

Voxya stands as a reliable avenue for consumers seeking solutions to their complaints against government services. By filing a complaint on Voxya's platform, individuals can expect a structured process leading to potential resolutions, including compensation, interest, legal expenses, and even a full refund.


If you are grappling with a consumer grievance related to government services, take proactive steps towards resolution by filing a complaint on Voxya: File a Consumer Complaint


This comprehensive approach empowers consumers to navigate and resolve their grievances effectively, ensuring that their concerns regarding government services are heard and addressed appropriately.

Thursday, 9 November 2023

मंडी उपभोक्ता न्यायालय ने टियागो में माइलेज के भ्रामक दावों पर टाटा मोटर्स और उसके डीलर पर जुर्माना लगाया (Mandi Consumer Court Fines Tata Motors and Its Dealer Over Misleading Claims of Mileage in Tiago)

Mandi Consumer Forum Case


एक अभूतपूर्व फैसले में, Himachal Pradesh के Mandi में District Consumer Disputes Redressal Commission ने एक उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है, जिसने Tata Motors Limited से शिकायत की थी कि उसे कंपनी के भ्रामक दावों से गुमराह किया गया था। यह फैसला भारत में उपभोक्ताओं के अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण जीत के रूप में आया है।



शिकायतकर्ता श्री हीरा लाल ने Hi-Tech Satluj Motors Pvt. Ltd से ₹4,88,732 में Tata Tiago car खरीदी थी जो की टाटा मोटर्स लिमिटेड का अधिकृत डीलर है | उन्होंने Insurance के लिए ₹20,676, वाहन पंजीकरण के लिए ₹13,940 और सुरक्षा नंबर प्लेट के लिए ₹356 का खर्च उठाया, जिससे vehicle में कुल निवेश ₹5,23,462 हो गया। शिकायतकर्ता ने दलील दी कि जब उसने कार खरीदी थी तो Tata  Motors ने 23.84 किलोमीटर प्रति लीटर का उल्लेखनीय माइलेज देने का वादा किया था |



हालाँकि, vehicle की डिलीवरी लेने के बाद, हीरा लाल यह जानकर हैरान रह गए कि कार का प्रदर्शन कंपनी द्वारा किए गए वादों से मेल नहीं खाता | vehicle ने खराब पिक-अप प्रदर्शित किया, और इसका वास्तविक माइलेज 12 से 15 किलोमीटर प्रति लीटर तक था | इसके अलावा, कार में कई कमियाँ थीं, जिनमें दरवाज़ों के माध्यम से वाहन में पानी का रिसाव भी शामिल था। शिकायतकर्ता की शिकायतों और यहां तक कि कानूनी नोटिस (legal notice) के बावजूद, विपक्षी दलों द्वारा कोई समाधान नहीं दिया गया। 


Commission ने आगे कहा कि विज्ञापित माइलेज 23.84 किलोमीटर प्रति लीटर और परीक्षण के दौरान एक विशेषज्ञ द्वारा देखे गए वास्तविक माइलेज के बीच एक महत्वपूर्ण असमानता थी, जो केवल 15.45 किलोमीटर प्रति लीटर थी |


Consumer Court ने कहा, "विपरीत पक्ष नंबर 2 के महाप्रबंधक का स्व-सेवारत हलफनामा शिकायतकर्ता के साक्ष्य का खंडन करने के लिए पर्याप्त नहीं है।" 


फैसले के परिणामस्वरूप, Tata Motors Limited और Hi-Tech Satluj Motors Pvt. Ltd. को संयुक्त रूप से और अलग-अलग निर्देश दिया गया कि वह शिकायतकर्ता को शिकायत की तारीख से 6% प्रति वर्ष की दर से ब्याज के साथ ₹5,23,462 वापस लौटाए। इसके अतिरिक्त, उन्हें शिकायतकर्ता को ₹20,000 की राशि का मुआवजा और ₹10,000 की मुकदमेबाजी लागत का भुगतान करने का आदेश दिया गया | 


Commission ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता को वाहन के पंजीकरण प्रमाणपत्र को रद्द करने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे और बाद में वाहन कोHi-Tech Satluj Motors Pvt. Ltd. को वापस करना होगा। लिमिटेड, इसे अंतिम आदेश को लागू करने के लिए एक शर्त के रूप में चिह्नित कर रहा है।


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Wednesday, 8 November 2023

Tamil Nadu Consumer forum seeks repair of approach road to bus stand in Tiruvarur (तमिलनाडु उपभोक्ता फोरम ने तिरुवरुर में बस स्टैंड तक पहुंचने वाली सड़क की मरम्मत की मांग की)

Tamil Nadu Consumer Forum

Tamil Nadu Consumer Protection and Environment Research Centre, Tiruvarur ने जिला प्रशासन से अपील की है कि वह अधिकारियों को शहर में नए Bus Stand तक पहुंच मार्ग को सही करने का निर्देश दे।


केंद्र ने हाल ही में अपने अध्यक्ष पी. अज़गिरिसामी की अध्यक्षता में यहां आयोजित अपनी मासिक बैठक में एक प्रस्ताव पारित करते हुए दावा किया कि तिरुचि-नागापट्टिनम राजमार्ग से Bus Stand तक पहुंच मार्ग की खराब स्थिति के कारण मानसून के दिनों में यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है |


केंद्र ने जिला प्रशासन से Tiruvarur शहर में कैरिजवे की गैर-रिलेइंग के मुद्दे पर ध्यान देने का भी आग्रह किया, जहां जल जीवन योजना के तहत घरों में पाइप से पीने के पानी के कनेक्शन प्रदान किए गए थे। साथ ही, उसे अपर्याप्त मिनी-बस सेवाओं और ऑपरेटिंग कंपनी के नाम के बिना Bus Ticket जारी करने जैसे मुद्दों पर भी गौर करना चाहिए।


बैठक में कम से कम त्योहारी सीजन के दौरान तिरुचि से Thanjavur और Villupuram से Mayiladuthurai तक संचालित ट्रेन सेवाओं को Tiruchi तक विस्तारित करने की मांग करने वाला एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।


अगर आपकी किसी भी प्रकार की उपभोक्ता शिकायत (Consumer Complaint) है तो आप उसकी शिकायत consumer forum में करके अपनी शिकायत का समाधान कर सकते है |

Monday, 6 November 2023

Ernakulam Consumer Forum Orders Insurance Company To Reimburse COVID-19 Treatment Claim (उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को COVID-19 उपचार दावे की प्रतिपूर्ति करने का आदेश दिया)

Star Health and Allied Insurance Company Complaints

Ernakulam District Consumer Disputes Redressal Commission ने Star Health and Allied Insurance Company को एक निर्देश जारी किया है कि वह Muvattupuzha के एक शिकायतकर्ता केआर प्रसाद को 'Corona Rakshak' पॉलिसी के तहत covid-19 treatment के लिए उनके दावे के अनुसार 1 लाख रुपये का भुगतान करे | प्रतिपूर्ति के अलावा, Commission ने कंपनी को केआर प्रसाद को 10,000 रुपये का मुआवजा देने के साथ-साथ उनके 10,000 रुपये के मुकदमेबाजी खर्च को भी कवर करने का आदेश दिया है |


केआर प्रसाद ने complaint file कराते हुए कहा कि वह covid-19 से संक्रमित हो गए थे और 17 से 21 जनवरी, 2021 तक Muvattupuzha के एक private hospital में भर्ती थे | इस hospital में भर्ती होने के दौरान उन्होंने 2.3 लाख रुपये का चिकित्सा व्यय किया |


पॉलिसी, 'Corona Rakshak', पॉलिसीधारकों को बीमा राशि के 100 प्रतिशत के बराबर लाभ प्राप्त करने का अधिकार देती है, यदि उन्हें covid -19 का निदान किया जाता है | बहरहाल, Insurance company ने उनके चिकित्सा खर्चों की प्रतिपूर्ति करने से इनकार कर दिया, यह तर्क देते हुए कि उनके मेडिकल रिकॉर्ड में स्थिर जीवन शक्ति दिखाई देती है और उनका hospital में भर्ती सक्रिय उपचार के बजाय मुख्य रूप से अवलोकन और निगरानी के लिए था | 


Commission ने Star Health and Allied Insurance Company की ओर से सेवा में कमियों और अनुचित व्यापार प्रथाओं की पहचान की | इसमें इस बात पर जोर दिया गया कि 'Corona Rakshak' पॉलिसी स्पष्ट रूप से covid  -19 के लिए कवरेज प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई थी, और केआर प्रसाद ने covid -19 के कारण 72 घंटे से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहकर पॉलिसी की शर्तों को पूरा किया था।

Consumer Complaint Forum

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Friday, 20 October 2023

Ernakulam Consumer Forum Judgment: No Need for 24-Hour Hospitalization for Insurance Claims (एर्नाकुलम उपभोक्ता फोरम का फैसला: बीमा दावों के लिए 24 घंटे अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं)

Health Insurance Complaints

एर्नाकुलम (Ernakulam):  District Consumer Disputes Redressal Commission  ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि Insurance Policy का लाभ उठाने के लिए 24 घंटे Hospital में भर्ती रहने की policy उपभोक्ता अधिकारों (consumer rights) का उल्लंघन है | 


पीठ में आयोग के अध्यक्ष डी.बी. बीनू और सदस्य वैकोम रामचंद्रन और आरएन श्रीविद्या ने बताया कि चिकित्सा क्षेत्र  आधुनिक तकनीकी प्रगति और रोबोटिक सर्जरी के समय में अस्पतालों में 24 घंटे काम करने की मांग करना उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन (violation of consumer rights) है |


Maradu के मूल निवासी जॉन मिल्टन की मां की बायीं आंख की Ernakulam के एक Private Hospital में Surgery हुई थी | बिना किसी अस्पताल में भर्ती किए सर्जरी की गई | बाद में, पॉलिसीधारक ने Surgery के लिए दावा मांगने के लिए Insurance company से संपर्क किया। हालाँकि, Insurance company ने उनके आवेदन को इस तर्क पर खारिज कर दिया क्योकि पॉलिसीधारक को 24 घंटे से अधिक समय तक hospital में भर्ती नहीं रहना पड़ा | इसके बाद ही मिल्टन ने उपभोक्ता फोरम (Consumer Forum) का दरवाजा खटखटाया | 


आयोग (Commission) के अनुसार, यदि उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होने के साथ-साथ कम से कम समय में उपचार पूरा करने के लिए आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों का उपयोग करने की आवश्यकता होती है, तो पॉलिसीधारक चिकित्सा दावे के लिए योग्य है। आयोग (Commission) ने Insurance Regulatory and Development Authority (IRDAI) द्वारा प्रस्तुत एक परिपत्र पर भी विचार किया, जिसमें घोषणा की गई थी कि मायोपिया उपचार के दौरान इस्तेमाल किया जाने वाला एक निश्चित इंजेक्शन बीमा द्वारा कवर किया जाता है |


Consumer Forum ने यह भी पाया कि Insurance Company ने पॉलिसीधारक की शिकायत से अवगत होने के बावजूद एक समान दावे को मंजूरी दे दी थी |


इसके बाद Commission  ने Insurance Company को 30 दिनों के भीतर पॉलिसीधारक को 57,720 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया |


Consumer Complaint Forum


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Tuesday, 17 October 2023

Ahmedabad Consumer Court imposes fine of Rs 1.10 lakh on D-Mart for selling expired products with misleading labels (अहमदाबाद उपभोक्ता न्यायालय ने भ्रामक लेबल के साथ एक्सपायर्ड उत्पाद बेचने के लिए डी-मार्ट पर 1.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया | )

Ahmedabad Consumer Court


Ahmedabad Consumer Court ने समाप्ति तिथि के बाद भी सामान बेचने पर Gandhinagar स्थित D-Mart पर 1.10  लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया | यह घटना तब सामने आई जब मॉल से खरीदे गए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंतित एक सतर्क ग्राहक ने चौंकाने वाली खोज की | 


ग्राहक ने D-Mart से 64 रुपये का गुड़ (jaggery) खरीदा था, जिसके ऊपर दो अलग-अलग तारीख वाले स्टिकर पाए गए। लेबल पर जनवरी January 2022 और December की परस्पर विरोधी तारीखें प्रदर्शित हुईं, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता और प्रामाणिकता के बारे में संदेह पैदा हुआ | 


इस रहस्योद्घाटन के जवाब में, एक जागरूक नागरिक ने मामले को Ahmedabad Consumer Court में ले जाया, और आरोप लगाया कि D-Mart ने गलत लेबल के साथ गुड़ (jaggery) बेचकर सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया है, जिससे इसकी समाप्त स्थिति छिपी हुई है |


जैसे-जैसे उपभोक्ता अपनी किराने की जरूरतों के लिए मॉल की ओर रुख कर रहे हैं, ऐसी घटनाएं खुदरा उद्योग में खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के महत्व की याद दिलाती हैं। फैसला इन मानकों को बनाए रखने और व्यवसायों को उनके उत्पादों के लिए जवाबदेह बनाने में उपभोक्ता संरक्षण (Consumer Protection) की भूमिका पर प्रकाश डालता है | 

consumer forum court in Ahmedabad



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Thursday, 12 October 2023

Vellore consumer court issues arrest warrant for SBI RM and branch manager (वेल्लोर उपभोक्ता अदालत ने एसबीआई आरएम और शाखा प्रबंधक के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया)

Vellore Consumer Court


Vellore district consumer redressal forum ने बुधवार को व्यक्तिगत उपस्थिति में court के समन का पालन करने में विफलता के लिए SBI Vellore regional manager और branch manager के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है |


Gudiyattam taluk के Thandaparai गांव के अय्यासामी (65) ने 206 में SBI Semapalli branch में 121 ग्राम सोने के गहने गिरवी रखे और 1.97 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया था | 


लेकिन जब उन्होंने डिफॉल्ट किया तो bank ने उन्हें जवाब देने का समय दिए बिना गिरवी रखे गहने नीलाम कर दिए | अय्यासामी ने Vellore Consumer Court का रुख किया, जिसने पीड़ित को 6.16 लाख रुपये दिए और बैंक को ऋण के रूप में लिए गए 1.97 लाख रुपये को घटाकर भुगतान करने का आदेश दिया | 


Bank को सेवा में कमी (deficiency in service) के लिए 50,000 रुपये और अदालती खर्च (court costs) के लिए 25,000 रुपये का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया | जब Bank जवाब देने में विफल रहा, तो अय्यासामी ने फिर से Consumer Court का रुख किया, जिसने संबंधित Branch Manager और Vellore Regional Manager को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया |


चूंकि दोनों उपस्थित होने में विफल रहे, मजिस्ट्रेट ए मीनाक्षीसुंदरम ने दोनों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया | 


Vellore Consumer Court


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Wednesday, 11 October 2023

Hyderabad Consumer Forum Directed India Post To Pay Rs. 20,000 For Tampering With Parcel (हैदराबाद कंस्यूमर फोरम ने पार्सल से छेड़छाड़ करने के लिए इंडिया पोस्ट को 20,000 रु का भुगतान करने का निर्देश दिया |)

India Post Complaint


District Consumer Disputes Redressal Commission Hyderabad - III की पीठ ने श्री एम. राम गोपाल रेड्डी के नेतृत्व में, श्रीमती जे. श्यामला और श्री आर. नारायण रेड्डी के साथ, India Post के खिलाफ एक IPC Officer द्वारा दायर एक consumer complaint को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया |. Complaint में आरोप लगाया गया कि postal department ने शिकायतकर्ता द्वारा Hyderabad से Haridwar भेजे गए पार्सल और मूल्यवान सामग्री के साथ छेड़छाड़ की है | विशेष रूप से, शिकायतकर्ता ने कहा कि रुपये की 10 साड़ियाँ जो की  20,000/- रुपये कीमत की थी, पार्सल से  गायब हो गयी थी |


District Consumer Commission ने पाया कि वास्तव में India Post (विपक्षी पक्ष) की ओर से सेवा में कमी थी, जिसके कारण ये वस्तुएं गायब हुईं। परिणामस्वरूप, postal department को शिकायतकर्ता को 20,000 रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया और इसके साथ शिकायत की कानूनी लागत के रूप में 5,000/- रु.का भी भुगतान करना होगा | 


श्री वी.के. IPS Officer सिंह ने इंडिया पोस्ट के खिलाफ शिकायत दर्ज (complaint against India Post) कराई | उन्होंने आरोप लगाया कि 7 जून, 2022 को उन्होंने श्री मोहम्मद रावूफ़ नामक व्यक्ति के माध्यम से जीपीओ, Hyderabad से India Post के माध्यम से चार पैकेट में लेख भेजे | Complaint के अनुसार, GPO स्टाफ ने उन Parcel को खोलने की सलाह दी जिन्हें शिकायतकर्ता ने पहले ही पैक कर दिया था। उन्होंने सामग्री को पुनर्व्यवस्थित किया, साड़ियों और चादरों को एक पैकेट में रखा और अन्य सामान जैसे शर्ट, पैंट, मेडिकल किताबें और प्लास्टिक के कंटेनर को अलग-अलग पैकेट में रखा था | Haridwar पहुंचने पर पता चला कि उनके पास 20 ,000 रुपये की 10 साड़ियां गायब हो गयी थी , हालांकि अन्य सामान बरकरार थे |


आगे आरोप लगाया गया कि Hyderabad में पैकिंग के दौरान लिए गए Parcel के वीडियो और haridwar में डिलीवरी के समय के वीडियो अलग-अलग थे। श्री वी.के. के अनुसार. सिंह के अनुसार, सामान चुराने के उद्देश्य से पार्सल के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई, जिसके परिणामस्वरूप नुकसान हुआ। उन्होंने तर्क दिया कि यह postal department से चोरी की तीसरी घटना थी, इससे पहले Jubilee Hills डाकघर में दो घटनाओं के बाद आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे | परिणामस्वरूप, श्री सिंह ने एक consumer complaint file कर 4,00,000/- और रु. 50,000/-.रुपये के मुआवजे का अनुरोध किया | 



Postal Department (विपक्षी पक्ष) ने यह तर्क देकर शिकायत का विरोध किया कि शिकायत कानून के तहत चलने योग्य नहीं है और इसे खारिज कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि श्री सिंह ने Hyderabad से Haridwar के लिए तीन पंजीकृत पार्सल भेजे थे, जो 13 जून, 2022 को वितरित किए गए थे | शिकायत इनमें से एक पार्सल से संबंधित थी, जिसके साथ शिकायतकर्ता ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। Postal department ने स्पष्ट किया कि उन्हें पार्सल अच्छी स्थिति में प्राप्त हुए थे और उन्हें बिना किसी समस्या के प्राप्तकर्ता तक पहुंचा दिया गया था |


हालाँकि, उन्होंने स्वीकार किया कि एक पार्सल के साथ कथित छेड़छाड़ के संबंध में एक web complaint file की गई थी। इसके बाद, डिलीवरी डाकघर और मध्यवर्ती कार्यालयों से पूछताछ की गई, जिससे पता चला कि डिलीवरी डाकघर में सामान अच्छी स्थिति में प्राप्त हुआ था। हालाँकि, यह प्राप्तकर्ता ही था जिसने गुम सामग्री की सूचना दी थी। Postal department ने आगे बताया कि सामग्री की कथित हेराफेरी की जांच शुरू कर दी गई है और इसे haridwar में सहायक डाकघर अधीक्षक को सौंपा गया है | 


Hyderabad Consumer Forum ने पाया कि 10 साड़ियाँ रु. 20,000/- की एक पार्सल से गायब थे, शिकायत को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया गया और माना गया कि India Post शिकायतकर्ता को रुपये का मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी था | जिसके बाद Hyderabad Consumer Forum ने आदेश दिया की 20,000/- रुपये का मुआवजा के साथ 5000/-.रुपये रुपए कानूनी लगत के साथ भुगतान 45 दिनों के अंदर करने के निर्देश दिया |


India Post


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Content Source: Livelaw

Monday, 9 October 2023

Bangalore Consumer Forum directs couple to pay ₹20,000 to photographer for not providing wedding video (बेंगलुरु उपभोक्ता फोरम ने फोटोग्राफर को शादी का वीडियो नहीं देने पर जोड़े को ₹20,000 का भुगतान करने का निर्देश दिया |)

Complaint against Wedding Photographer


Bengaluru (बेंगलुरु): District Consumer Disputes Redressal Commission (DCDRC), Bangalore ने हाल ही में एक wedding photographer को एक ग्राहक को ब्याज सहित ₹20,000 का भुगतान करने का निर्देश दिया, क्योंकि वह पूरा भुगतान प्राप्त करने के बावजूद शादी की वीडियो की सीडी प्रदान करने में विफल रहा | 


अध्यक्ष एम शोभा और सदस्यों के अनीता शिवकुमार और सुमा अनिल कुमार के एक समूह ने कहा कि photographer का कृत्य जोड़े के लिए अनुचित था और उसका कृत्य सेवा में कमी के समान था क्योंकि शादी की तस्वीरें और वीडियो कीमती माने जाते हैं | 


Consumer Forum ने कहा, "चूंकि शादी की तस्वीरें और वीडियो कीमती हैं, इसलिए शिकायतकर्ता की शादी की सीडी न उपलब्ध न करना एक अनुचित व्यापार व्यवहार है | Photography और video के लिए पूरी राशि प्राप्त करके विपरीत पक्ष अपने आश्वासनों को पूरा करने में विफल रहा है। इसलिए, यह सेवा में कमी है और 05.03.2021 से 10% की दर से ब्याज के साथ 20,000/- रुपये का भुगतान करके इसकी भरपाई करने के लिए उत्तरदायी है, यानी, शादी की तारीख पर जब उसने पर्याप्त राशि का भुगतान किया, तो मुआवजे के लिए 2,00,000/- रुपये का दावा किया गया जो कि अत्यधिक प्रतीत होता है | उपरोक्त कारणों से हम तदनुसार बिंदु संख्या 1 और 2 का उत्तर देते हैं" 



शिकायतकर्ता ने 5 मार्च, 2021 को अपनी शादी की तस्वीरें और video लेने के लिए photographer को कुल ₹80,000 के भुगतान पर काम पर रखा था | यह राशि एक सीडी पर शादी के फोटो एलबम और वीडियो कवरेज दोनों के लिए भुगतान की गई थी |



फोटोग्राफर को 15 जनवरी, 2021 को ₹5,000 की प्रारंभिक राशि का भुगतान किया गया था | यह सहमति हुई थी कि शिकायतकर्ता शेष राशि का एक हिस्सा शादी के दिन भुगतान करेगी और शेष राशि का भुगतान तब किया जाएगा जब उसे फोटो एलबम और सीडी प्राप्त होगी | 


शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि शादी के 15 दिन बीत जाने और 80,000 रुपये की पूरी राशि का भुगतान करने के बावजूद, photographer ने सीडी उपलब्ध कराने का कोई प्रयास नहीं किया | 


Photographer को legal notice भेजा गया था, लेकिन उसने इसका जवाब नहीं दिया, जिसके बाद District Consumer Forum में Complaint की गई | शिकायतकर्ता ने मानसिक पीड़ा, कठिनाई और मुकदमेबाजी की लागत के लिए ₹2 लाख के मुआवजे का दावा किया |


सबूतों से, Consumer Forum को पता चला कि photographer ने 15 दिनों के भीतर सीडी उपलब्ध कराने का वादा किया था और बताया कि उसे संपादन और संपादकों की उपलब्धता में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था |


Consumer Forum ने कहा कि photographer ने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया कि दंपति पर उसका ₹65,000 बकाया है |


Consumer Forum ने कहा कि यदि photographer ने पहले ही सीडी तैयार कर ली है, तो वह मुआवजे के साथ इसे सौंपने के लिए उत्तरदायी है क्योंकि शादी की यादें दोबारा नहीं बनाई जा सकतीं |


"यदि विपरीत पक्ष सीडी बनाने में विफल रहता है, तो उसे फोटोग्राफी और उसके एल्बम के लिए खर्च की गई राशि को काटने के बाद सीडी के लिए प्राप्त राशि वापस करनी होगी। विपरीत पक्ष ने पहले ही फोटोग्राफी और उसके एल्बम को सौंप दिया है, जैसा कि शिकायतकर्ता ने खुद शिकायत में कहा था। इसलिए विपरीत पक्ष केवल वीडियो सीडी के संबंध में राशि वापस करने के लिए उत्तरदायी है,'' आदेश में स्पष्ट किया गया |


अगर आपकी भी किसी भी प्रकार कि उपभोक्ता शिकायत (Consumer Complaint) है तो उसके समाधान के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करे: - File A Complaint Now!


Consumer Complaint Forum